सेरेलक के फायदे इन हिंदी। Cerelac ke fayde in hindi.

Cerelac ke fayde in hindi.
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शिशु पोषण आहार के रूप में सेरेलक के फायदे। shishu poshan aahaar ke roop mein cerelac ke fayde.

सेरेलक छोटे बच्चो के पूरक आहार के रूप में एक फूड सप्लिमेंट विनिंग प्रोडक्ट हैं शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके अच्छे भविष्य के लिए काम करता है।

शिशु के विकाश यात्र में कुछ हद तक सेरेलक योगदान दे रहा है। इसलिए सेरेलक कंपनी विश्व स्तर पर जगह बना लिया है। सेरेलक के ख़ास बात यह है कि प्रोडक्ट विश्व स्तर के विशेषज्ञों के जाँचपरख करने के बाद बना है।

6 महीने से लेकर 5 साल तक के बच्चों की पोषण सम्बंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण द्वारा अनुमोदन के बाद यह ख़ास प्रोडक्ट बनाया है। सेरेलक के फायदे इन हिन्दी बच्चों के लिए सर्वोत्तम पोषण आहार के रूप में है।   

जिसमें मल्टीग्रेन अनाज, दूध और फलों के मिश्रण को सामिल किया गया है। जो कि बच्चों को हर संभव एक संपूर्ण पौष्टिक आहार देता है। जिसे सम्पूर्ण पोषण आहार भी कहते है।

इसमें एंटीऑक्सिडेंट तत्व होने के कारण बच्चों के चायपचाय के लिए सबसे बेहतर होता है इसमें कोमल आहार फाइबर होने से बच्चे के सेहत के लिए फायदेमंद है।

सेरेलक से आहार के रूप में कुछ हद तक आयरन व विटामिन डी की कमी को पूरा करता है। शिशु अनाज के रूप में सेरेलक महत्त्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरी है और जटिल कार्बोहाइड्रेट प्रदान करती है जो पचाने में आसान है।

यह शिशुओं के लिए एक आदर्श भोजन है इसको फोर्टिफाइड शिशु अनाज के रूप में जाना जाता है।

1) शिशु आहार योजना चार्ट। shishu aahaar yojana chaart.

माँ के दूध से बढ़कर कोई नही, माँ के दूध सर्वोत्तम होता है यह स्लोगन बहुताय जगह मिलता है। यह सही भी है। स्तन का दूध बच्चे को अनिवार्य ज़रूरत की हर चीज मुहैया कराता है।

परंतु 6 महीने तक पहुचने से पहले शिशु आहार योजना चार्ट ज़रूर बना लेना चाहिए जिसे बच्चों को सम्पूर्ण पूरक खाद्य पदार्थों मिल सके और हर हाल में ठोस खाद्य पदार्थों की शुरुआत हो जाये।

आजकल शिशु के जन्म लेने के बाद तुरंत शिशु आहार योजना चार्ट बना लेते हैं यह भी ट्रेंट चल रहा है, हो सकता है यह भी ठीक हो।

सेरेलक के फायदे इन हिंदी सर्च शुरू हो जाता है। माँ द्वारा स्तनपान शिशुओं को कराने का सबसे प्राकृतिक देन है और उनके स्वस्थ विकास और विकास का समर्थन करने का सबसे अच्छा तरीक़ा भी है।

शिशु के संतुलित आहार के सम्बंध में 5 स्टेप बनाया गया है। जिसको सब फलोव करते है। शिशु के विकाश के लिए सबसे अच्छा प्रणाली माना गया है और भविष्य के लिए अच्छे स्वास्थ्य का निर्माण करता है।

जो बच्चे के जीवन में मील के पत्थर साबित होगा।

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 2) सेरेलक कब से देना चाहिए। Cerelac kab se dena chaahie.

Cerelac kab se dena chaahie.
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सेरेलक की शुरुआत के चरण को स्टेज-1 कहते हैं इसमें सेरेलक कंपनी नें एक संतुलित, पौष्टिक पूर्ण आहार के रूप में छोटा-सा सादा स्वाद बेबी के लिए तैयार किया है।

जब बेबी 6 माह की होती हैं तो उन्हें स्वाद सीखने वालों खाद्य पदार्थों के रूप में सेरेलक दिया जाता हैं। 6 माह के बाद बेबी माँ के दूध को छोड़ने के कगार पर रहती है। माँ भी चाहती है कि बेबी उनके दूध को कम पिये और ठोस पोषण आहार को लेना शुरू करे।

उस समय उसे सबसे ठोस खाद्य पदार्थों की ज़रूरत होती हैं जिसमे सभी प्रकार के पोषक तत्व मिनरल विटामिन, प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट रहे जो चायपचाय के लिए सबसे अच्छा हो।

इस प्रकार से सेरेलक की शुरुआत होती हैं और फिर कुछ दिन में हस्ते खेलते अगले चरण में प्रवेश करने लगती हैं।

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3) 0-6 महीने वाले बच्चे को क्या दे?। 0-6 mahine vaale bachche ko kya de?.

प्राथमिक स्टेज 0 से 6 माह। माँ के दूध सर्वोतम होता हैं बच्चे के लिए माँ के दूध से बड़ा कोई चीज नहीं हैं। इसलिए प्राथमिक स्टेज याने जन्म से लेकर 6 माह तक कोशिश करे कि स्तनपान शिशु को माँ से मिले।

यदि दूध की कमी माँ के स्तन में हो तब कोई ब्रांड के फार्मूला वाले प्रोडक्ट या गाय के दूध को यूज करे अन्यथा माँ के दूध शिशु के लिए सर्वोपरि हैं।

स्तन के दूध में महत्त्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। जो शिशु को अद्भुत स्वास्थ्य लाभ देता हैं। इस कारण से स्तनपान में शिशु और माँ दोनों के लिए बहुत सुखद व लाभकारी होता हैं।

माँ के दूध में एंटीऑक्सिडेंट तत्व के चलते शिशु को कोई भी बाहरी संक्रमण से बचाने में सहयोग करता हैं। लगभग 6 महीने तक स्तनपान कराने के बाद उसे ठोस खाद्य पदार्थों भोजन के रूप में देने की कोशिश करे और माँ के स्तनपान धीरे-धीरे कम करे।

शिशु पूरी तरह से ठोस खाद्य पदार्थों भोजन या पूरक आहार के रूप में सेरेलक खाने के आदत न बना ले तब तक उसे माँ के दूध को न छुड़ाये।

6 महीने बाद सेरेलक दे या अपने से बनाये पौष्टिक आहार को खाना सिखाये जो कि शिशु के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो।

4) 6 महीने के बच्चे के लिए Cerelac. 6 maheene ke bachche ke lie Cerelac.

स्टेज 1: (6–7 महीने की उम्र वाले) 6 माह प्लस के उम्र वाले बच्चे को सेरेलक की स्टेज 1: याने 6 से 7 तक के बच्चे को पिलाया जाता है।

शिशु को स्वाद चखाने के लिए मम्मी पापा व पूरे परिवार बेताब रहते है और बच्चे को ठोस खाद्य पदार्थों के रूप में सेरेलक या घर में तैयार किया हुआ पौष्टिक आहार को चम्मच में खिलाते है बेबी को उसी दिन से ठोस खाद्य पदार्थों की शुरुआत हो जाती हैं।

ज़्यादातर लोग विशेषज्ञ परीक्षण से तैयार सेरेलक को खिलाते है जो स्पेशल बच्चों के किए डिज़ाइन किया गया है।  

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5) 7 महीने के बच्चे के लिए Cerelac. 7 mahine ke bachche ke lie Cerelac.

स्टेज 2: (7–8 महीने की उम्र वाले) इस उम्र के बच्चे स्टेज 2 के अंतर्गत आते है इस स्टेज में एक स्वस्थ, पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दिया जाता है।

वह स्टेज 1 में माँ के दूध के बाद नये स्वाद को पहचाना था परंतु उसे एक और नई ठोस स्वाद की ज़रूरत होती हैं मम्मी पापा उसे कुछ चिकने स्वाद के बजाय मोटे स्वाद वाले उत्पाद देने की कोशिश करते हैं और बेबी कुछ भी खा नहीं पाती।

सेरेलक इस गेप को फुलफिल करने के लिए 7 महीने प्लस के स्वाद भरा पौष्टिक आहार देता हैं और 7 माह प्लस वाले सेरेलक प्रोडक्ट फिट बैठता है।

सेरेलक के नए स्वाद के साथ बेबी चाव से खाती हैं। इसमे भरपूर मात्र में पोशक तत्व होते है जो चायपचाय के लिए सबसे बेस्ट है।

खासकर जब यह पर्याप्त लोहा और अन्य विटामिन और खनिज प्राप्त करने की बात आती है।

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6) 8 माह के शिशु का आहार। 8 maah ke shishu ka aahaar.

8 maah ke shishu ka aahaar.
8 maah ke shishu ka aahaar.

स्टेज 3: (8-12 महीने की उम्र वाले) बेबी खाने में मस्ती करने लगता है और वह सभी व्यंजनों के स्वाद लेने में आतुर रहता हैं उस समय बच्चे को स्टेज 3 याने 8 माह प्लस चलने लगता है।

शिशु को पीसी चावल से बना हलवा या सूजी से बने पौष्टिक संतुलित भोजन देना लगते हैं। या सेरेलक की पौष्टिक खाद्य शृंखला देने लगते हैं।

फिर बच्चे के स्वस्थ आहार प्रतिदिन उनको नई ऊर्जा के साथ खेलने के लिए नई जोश प्रदान करता हैं और इस प्रकार उनके शारीरिक विकाश लगातार होने लगता हैं।  

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7) 12 महीने के बच्चे के लिए Cerelac. 12 mahine ke bachche ke lie Cerelac.

स्टेज 4: (12-18 महीने की उम्र वाले) यह शिशु के खेलने और मस्ती करने के लिए सबसे बेस्ट समय होता है। बच्चे परिवार के साथ खाने को आतुर होता है।

उसे खाने के विकल्पों के रूप में अलग-अलग डिफरेंट टाइप के स्वाद चाहिए। उसे दाल चावल सब्जी के बाद फल के जूस और बहू अनाज के रूप में फल के साथ अन्य स्वाद से भरे पोशक तत्व वाले संतुलित और विविध आहार के रूप में सर्वोत्तम पोषण खानपान चाहिए।

पोशक तत्वों से भरा सेरेलक स्टेज 4 में बच्चों के लिये के विकल्प उपलब्ध करता हैं। इसमें आयरन के साथ में एक समूह हैं जिसमें लोहा, विटामिन सी, आयोडीन, ओमेगा 3 और विटामिन बी1 भी है।

जो मस्तिष्क और संज्ञानात्मक विकास में मदद करता है। स्टेज 4 में बच्चों की रोग प्रतिरिधक छमता को स्ट्रांग बनाता हैं और भविष्य के लिए अच्छे स्वास्थ्य के निर्माण में काम करता हैं।

जो उसके विकाश के साथ-साथ दिमाक को भो तेज करने लगता है।  

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8) 18 महीने के सेरेलक बच्चे का आहार। 18 mahine ke cerelac bachche ka aahaar.

स्टेज 5: (18 महीने से 2 साल के बाद) उम्र एक प्रकार से काउंटिंग हैं और वह सबके जैसा बच्चे का उम्र काउंटिंग करते रहता है धीरे-धीरे उसे स्टेज 5 याने 18 महीने से लेकर 2 साल के बाद में ले आता है।

वह बातों को मुखर बोलना शुरू कर देता है। वह परिवार के मम्मी पापा दादी दादा या दीदी को परेशान करना शुरु कर देता है। उसे घूमने चलने और दौड़ लगाने की भूत चड़े रहता हैं।

यह आमतौर पर बच्चे का अलग फेज की शुरुआत है, जो बच्चे के मनोवैज्ञानिक विकास में एक सामान्य चरण है। बच्चा या बच्चे के खेल-खेल में उधम मचाने के चलते उसे तीब्र भूख लगने लगता हैं।

इस कारण उसे अनाज और फलों का सयुक्त भोजन की ज़रूरता होती है। इसमें साबुत अनाज के साथ खनिज, विटामिन और आयरन फोर्टिफाइड शिशु अनाज होती हैं जो शिशु के लिए पोषण और स्वाद के साथ स्वास्थ्य प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

इसलिए स्टेप 5 सेरेलक बच्चे का आहार के रूप में काम करता हैं।

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9) 2 साल से 5 वर्ष तक बच्चों के लिए। 2 saal se 5 varsh tak bachchon ke lie.

बच्चे बडे होने लगा है वह अपने भोजन परिवार याने मम्मी पापा दीदी भाई या दादा दादी के साथ में करने लगा हैं हालाकि 50 परसेंट बच्चे एक साल के बाद से ही शौक-शौक में परिवार के साथ खाना शुरू कर देता है।

यह पाचन प्रक्रिया के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता हैं। विशेषज्ञों के माने तो पाचन तंत्र समस्याग्रस्त होने कि संभावना ज़्यादा रहती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम दो साल के उम्र के बाद खाना शुरू करे तो पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जायेगा और दो साल के बाद अंग अच्छी तरह से परिपक्व हो जाता हैं।

उसे पारिवारिक भोजन के स्वाद और बनावट वाले खाद्य पदार्थ की शक्त ज़रूरत पड़ती हैं। वह मीठा स्वाद को पसंद करता हैं बच्चे के सबसे बेस्ट खाद्य पदार्थ में मीठा, मीठा स्वाद के बाद कुछ नहीं अच्छा लगता।

उसे आलू पास्ता चावल रोटी मांस, मछली और अंडे कुछ भी पसंद होता यह प्राय: बहुत सारे बच्चों में होता हैं। बच्चे के विकाश के लिए यह समय महत्त्वपूर्ण होता हैं यह समय उनके वज़न को बढ़ाने का होता हैं।

इस कारण उसे सम्पूर्ण भोजन की आवश्यकता होती हैं। वह पर्याप्त मात्र में भोजन न करने से आयरन प्रोटीन विटामिन और जटिल कार्बोहाइड्रेट की कमी होने लगती हैं।

जिसे 2 साल से 5 वर्ष तक के लिए बना सेरेलक भरपाई करने के कोशिश करता हैं। यह नेस्ले इण्डिया के विशेषज्ञों का दावा हैं। सेरेलक में महत्त्वपूर्ण पोषक तत्वों के चलते बच्चों के लिए सबसे बेस्ट माना गया हैं।  

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10) सेरोलेक्स बेबी फ़ूड प्राइस। Cerolec bebi food Price.

Cerolec bebi food Price.
Cerolec bebi food Price.

सेरेलक 6 महीने से लेकर 5 साल तक के बच्चों के लिए अलग-अलग वेरिएंट में प्रोडक्ट को नेस्ले इण्डिया नें मार्केट में उतारा हैं जो बच्चे के सर्वांगीण विकाश के लिए काम करता हैं और यह एक अच्छे फूड सप्लीमेंट भी हैं इसलिए प्राइज़ में कुछ उतार छड़ाव हो सकता है।

मार्केट में और ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट हैं उनके रिव्यू व सेरेलक फॉर बेबी के रिव्यू देखे यदि सेरेलक सबसे अच्छा लगे तो प्राइज़ को इग्नोर करते हुये प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।

सेरेलक कंपनी नें शिशु के सम्पूर्ण विकाश के लिए 5 स्टेज में न्यूट्रिशन चार्ट बनाया है जो बच्चों के सम्पूर्ण विकाश के लिए प्रोटीन, विटामिन व विटामिन डी आयरन की आवश्यकता को पूरा करता है। 

बच्चों के लिए संतुलित और विविध आहार के रूप में सर्वोत्तम पोषक तत्व से भरा प्रोडक्ट सेरेलक हैं।

प्रोडक्ट के प्राइस यहाँ से क्लिक करके देख सकते हैं और यहाँ से भी खरीद सकते हैं।

11) सेरेलक कैसे खिलाएँ। Cerelac kaise khilaen.

परिवार के सभी बड़ो की जबाबदेह बनती है कि बच्चे को खाने की अच्छी आदतें विकसित कराये ताकि वह समझदार हो तो खाने पीने में लापरवाह न बने।

या फिर वह स्वस्थ भोजन खाने के वजाय जंक फूड या मीठे के सिवाय कुछ खाने की इच्छा न करे। फास्ट फूड खाने से बचने में मदद करे जिसमे ज़्यादा सोडियम की मात्र रहता हैं बच्चे के सेहतमंद के लिए खाने की अच्छी आदतें विकसित करना होगा।

या फिर माता-पिता का रवैया  पर भी बच्चे के असर पड़ता हैं। अच्छा स्वास्थ्य केवल खाने और साधारण बदलाव के लिए एक नया दृष्टिकोण लेने की बात है।

स्वस्थ भोजन की आदतें करना  बच्चों पर माता-पिता का प्रभाव से भी स्वस्थ आहार की आदतें  बनता हैं। समय है तो प्रतिदिन सुबह के नास्ते में साथ बिठाये। जो कि एक स्वस्थ वातावरण बनता हैं।

हो सके तो फूड सप्लिमेंट  के रूप में बच्चे को सेरेलक दे सकते हैं। यह भी सबसे बेस्ट हैं। बच्चे के उपापचय को बढ़ाने में मदद करता है।

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12) बच्चे के आहार में आयरन क्यों महत्त्वपूर्ण है?। bachche ke aahaar mein aayaran kyon mahatvapoorn hai?।

बच्चे हमेशा खाना खाने में आना कानी करते रहते हैं। वह किसी खेल या अन्य किसी भी चीज में बीजी हो जाते हैं और उनके लिए आहार लेना ज़रूरत महसूस नहीं होता हैं।

इस तरह से वह सभी पोशाक तत्वों से दूर जाने लगते हैं और उसमें सबसे महत्त्वपूर्ण तत्वों में आयरन (लोह) सामिल हैं। जो शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन ले जाने के लिए लोहा आवश्यक है और बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में भी बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आहार में आयरन क्या करता है और क्यों महत्त्वपूर्ण है?

आयरन हमारे शरीर में महत्त्वपूर्ण कार्यों के साथ एक आवश्यक खनिज है। यह विभिन्न प्रकार के पौधे और पशु स्रोतों में पाया जाता है।

शिशुओं के लिए कई प्रकार के आयरन युक्त भोजन हैं, जिन्हें आप अपने बच्चे को खाने के लिए दे सकते हैं,

जब वे पौधे से स्रोतों से लेकर लोहे के गढ़वाले शिशु अनाज तक ले जाते हैं सेरेलक में विभिन्न खाद्य पदार्थों के संयोजन से युक्त पोषण संतुलित आहार स्वस्थ आहार की नींव में से एक है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके बच्चे को विभिन्न आहार दिए गए हैं, उन्हें पूरक आहार देने से बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह उनमें बहुत अधिक आयरन होने के जोखिम से बचाता है।

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13) बच्चे को विटामिन डी की ज़रूरत। bachche ko vitaamin di kee jaroorat.

विटामिन डी सभी के लिए ज़रूरी हैं। चाहे बुज़ुर्ग हो या जवान या फिर बच्चे सभी को कैल्शियम की ज़रूरत पड़ती हैं और शरीर को अच्छे से परिचालन करने में कैल्शियम हेल्प करता हैं।

शिशुओं के लिए विटामिन डी उनकी हड्डियों में महत्त्वपूर्ण विकास करता हैं। विटामिन डी के आभाव में हड्डियों में परेशनी आने लगता हैं।

बच्चे के हड्डियाँ टेड़े मेडे दिखने लगता हैं और कैल्शियम के कमी होने से जाइंट में दर्द होने लगता हैं। जो बच्चे के शारीरिक विकाश के साथ-साथ मानसिक विकाश भी रुक जाता हैं इसलिए विटामिन डी सभी के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है।

विटामिन डी शरीर में सही मात्र में रहने से इम्यून सिस्टम के लिए अच्छा माना जाता हैं। विटामिन डी के मुख्य स्रोत के बारे में निम्न प्रकर से उल्लेख करते हैं।

1) विटामिन डी का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य के प्रकाश को माना जाता हैं इसलिए विटामिन डी को धूप विटामिन कहते हैं।

सूर्य के प्रकाश में रहने से अधिकांश विटामिन डी त्वचा के माध्यम से बनने लगता है जब बच्चे ग्रीस्म कालीन छुट्टी के दौरान अप्रैल से सितंबर में बाहर होते हैं।

2) जिन खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से विटामिन डी होता है वह खाद्य पदार्थों जैसे-संतरे के जूस, दूध, मशरूम और अंडे, मछली, मांस के रूप में विटामिन डी के सबसे बड़ा स्रोत हैं।

बच्चे को पर्याप्त विटामिन डी भोजन, सूरज और फूड सप्लीमेंट से मिलता हैं।

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14) क्या? सेरेलक के सेवन सुरक्षित है। kya? Cerelac ke sevan surakshit hai.

बच्चे के आहार में आयरन की कमी और पर्याप्त विटामिन डी कमी को पूरा करता हैं। यह सेरेलक के विशेषज्ञों का दावा है हो सकता है सत्य हो उनके दावा सही भी होगा।

परंतु इस उत्पाद में केमिकल्स के मिश्रण रहते हैं यह कई बच्चों को एलर्जी या हानी पहुचा चुका हैं। यह भी बहुत जगह सुना गया हैं।

लेकिन कोयंबटूर में खाद्य प्राधिकरण नें सेरेलक स्टेज 3 को पूर्ण रूप से सुरक्षित माना है। जून 2015 में, कोयम्बटूर में एक उपभोक्ता नें CERELAC स्टेज 3 शिशु अनाज के एक पैकेट में कीड़े मिलने की सूचना दी।

रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुये सेरेलक कंपनी प्रबंधन नें कोयंबटूर के जांच अधिकारियों को पूर्णरूप से सहयोग किया। जांच अधिकारियों नें बाज़ार के विभिन्न जगहों से प्रोडक्ट की सेंपल कलेक्ट किये।

कोयंबटूर प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया। जांच अधिकारियों नें सेरेलक को सुरक्षित मानते हुये इनके गुणवत्ता की पुष्टि के साथ CERELAC स्टेज 3 सुरक्षित माना है।

सेरेलक कंपनी के दावा हैं कि सेरेलक प्रोडक्ट के सेवन बच्चे को भय मुक्त करना चाहिए यह प्रोडक्ट पूर्णरूप से सुरक्षित है। दावा सही साबित हुआ।

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15) सेरेलक के नुक़सान। Cerelac ke nukasaan.

बच्चे को ठोस पदार्थों के स्वाद मिलना शुरू हो जाता हैं क्योंकि उन्हें स्तन के दूध से वंचित किया जाता है। शीशु सेरेलक को खाने लगता हैं। उनको सेरेलक मज़ा आने लगता हैं।

जो स्तनपान बच्चों के पाचन तंत्र में पाए जाते हैं वह सेरेलक में फैटी एसिड के साथ-साथ आयरन जैसे विटामिन और खनिज होने के चलते मिलता हैं।

सेरेलेक उत्पादों में प्रोबायोटिक्स भी होते हैं। लेकिन उनके बावजूद शिशु में कब्ज जैसे मामूली समस्या आ जाता है वह भी सेरेलक के शुरुआत दौर में इससे घबराने की ज़रूरता नहीं हैं।

बच्चे माँ के दूध के बाद सेरेलक के सेवन से शौच से गंध आने लगता है यह भी ज़्यादा कुछ दिक्कत नहीं है यह नार्मल हैं। एलर्जी का होना, पेट में दर्द यह शुरुआत के दिनों में देखने को मिलता हैं।

यह भी नार्मल हैं इससे डरने की कोई ज़रूरत नहीं हैं यह कुछ समय बाद ठीक हो जात हैं। विश्व के बहुत सारे देशों में सेरेलक को पिलाया जाता हैं।

जो कि शीशु के लिए सुरक्षित माना गया हैं जबकि सेरेलक कंपनी भारत के साथ-साथ विश्व मंच में भी साबित किया हैं।

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16) सेरेलक नेस्ले का इतिहास। History of cerelac Nestle.

हेनरी नेस्ले एक फार्मासिस्ट थे। माना जाता है कि हेनरी नेस्ले नें सन 1860 से 1870 के दशक के बीच में शिशु अनाज का फूड सप्लीमेंट के रूप में आविष्कार किया।

हेनरी नेस्ले उस समय बच्चे के मृत्यु दर से परेशान थे। वह फार्मासिस्ट होने के चलते शिशुओं की मृत्यु दर कम करने हेतु उपाय के रूप में बच्चों के पोषण आहार के विकल्प तलास किया और वह बच्चो के पोषण आहार के रूप में पूरक फूड सप्लीमेंट की आविष्कार किया।

जिसमें चावल पिसा हुआ और दूध के मिश्रण के साथ तैयार किया गया। जिसे शिशु अनाज के रूप में जानने लगे बाद में इसे फारेन लैक्टी भी कहा जाने लगा।

सन 1874 तक इस उत्पाद को विश्व के 18 से अधिक देशों में बेचे जाने लगा और कुछ वर्षो बाद इसमें विटामिन भी जोड़ा गया। शिशु के 6 महीने होने के बाद इस प्रोडक्ट को खिलाया जा सकता हैं।

यह प्रोडक्ट 6 माह के शिशु के पूरक आहार के रूप में दुनिया भर में मशहूर हैं। सेरेलक नेस्ले शिशु के समग्र विकास के लिए सबसे

अच्छा हैं जिसमें 18 महत्त्वपूर्ण पोषक तत्वों के साथ कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन, जस्ता, विटामिन ए, विटामिन सी, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 के रूप में लोहा और आवश्यक खनिज तत्व को सामिल किया गया हैं।

जो शिशु के पोषण आहार सम्बंधी समस्या को कुछ हद तक दूर करने में सफल रहा हैं।

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17) विश्व स्वास्थ्य संगठन का मत। Opinion of the World Health Organization.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) नें सेरेलक को 6 महीनों के शिशुओं के पूरक पोषण आहार के रूप में उपयुक्त माना हैं। डबल्यूएचओ नें शिशु मुत्यु दर को कम करने के सेरेलक के प्रयासों को सराहा भी हैं।

डबल्यूएचओ नें सेरेलक को शिशु मुत्यु दर कम करने के प्रयासों पर एक विजेता माना हैं और उनके प्रयासों के कारण शिशु के स्वास्थ्य जोखिम से निकलकर बाहर आया यह डबल्यूएचओ का मत हैं।

सेरेलक नेस्ले द्वारा बनाया गया शिशु अनाज का एक बड़ा ब्रांड है जो 6 महीने और उससे अधिक उम्र के शिशुओं के लिए स्तन के दूध के पूरक के रूप में पेश किया गया।

सेरेलक फूड सप्लीमेंट के रूप में बच्चों के विकाश लिए एक विनिंग प्रोडक्ट साबित हुआ। यह सेरेलक कंपनी का बहुत बड़ा अचीवमेंट भी हैं।

 

18) सेरेलक क्वेश्चन एवं आंसर। Cerelac Question and Answer.

Question –  

Answer –  

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